मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.
त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों website तक जलने दें।
Navratri is time to worship the universe's sacred feminine spirit, Goddess Durga, with utmost devotion and religion. Does one realize why we rejoice Navratri? Allow for me to answer. Navratri is time of year to rejoice the adjust of seasons with dedication, renewal, and joy.
* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।
भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
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* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।